<p style="text-align: justify;"><strong>श्रीनगर: </strong>आतंकवादियों ने कश्मीर के कई ज़िलों से पुलिसकर्मियों के 10 परिजनों को अगवा कर लिया. अगवा किए गए लोगों में शोपियां के डीएसपी का भतीजा भी शामिल है. आतंकवादियों ने इस घटना को तब अंजाम दिया जब एनआईए ने वांछित आंतकवादी सैयद सलाहुद्दीन के दूसरे बेटे को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और कहा है कि वो अगवा करने संबंधी रिपोर्टों का पता लगा रही है.</p> <p style="text-align: justify;">वहीं, घटना की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि आंतकवादियों ने कम से कम 10 लोगों को शोपियां, कुलगाम, अनंतनाग और अवंतिपोरा जैसे ज़िलों से अगवा किया है. इनमें पुलिस उपाधीक्षक का भाई भी शामिल है. इसी घटना में गांदरबल जिले से अगवा किए गए पुलिसकर्मी के पारिजन को आंतकवादियों के बुरी तरह पिटाई करने के बाद छोड़ दिया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कहां से किसे किडनैप किया</strong> अरवानी इलाके से मोहम्मद मकबूल बट के बेटे जुबैर अहमद अरवानी इलाके से एसएचओ नाजिर अहमद शंकर के भाई आरिफ अहमद खारपोरा इलाके से पुलिसकर्मी बशीर अहमद के बेटे फैजान अहमद यारीपोरा इलाके से सलाम रैदर के बेटे सुमैर अहमद खाटपोरा इलाके से डीएसपी एजाज के भाई गौहर अहमद शोपियां से एएसआई बशीर अहमद बट के बेटे यासिर अहमद बट का अपहरण त्राल से नसीर अहमद, अहमद जरगर और रफीक अहमद रैदर के बेटों का अपहरण</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2018 में अब तक 250 आतंकियों का सफाया</strong> साल 2018 में अब तक सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर करीब 250 आतंकियों का सफाया कर चुकी है. यही वजह है आतंकी सेना के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुलिसकर्मियों को निशाना बना रहे हैं. आतंकी अधिकतर निहत्थे पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हैं. जुलाई के महीने में ही आतंकियों ने पुलिसकर्मियों को नौकरी छोड़ने की चेतावनी दी थी. लेकिन जब आतंकियों की ना तो साजिश काम आई और ना ही धमकियां तब आतंक फैलाने का सबसे कायराना रास्ता चुना है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>घंटी बजाओ:</strong> ऑपरेशन एयर ट्रैफिक कंट्रोल</p> <code><iframe class="vidfyVideo" style="border: 0px;" src="https://ift.tt/2wr0TbM" width="631" height="381" scrolling="no"></iframe></code>


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